बच्चों को पाठक बनाना : शिक्षकों से उपजे अनुभव
कमलेश चंद्र, जोशी (2024) बच्चों को पाठक बनाना : शिक्षकों से उपजे अनुभव पाठशाला भीतर और बाहर (21). pp. 1-5.
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Introduction
बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने के प्रयासों में अकसर उन्हें अच्छा पाठक बनाने की बात होती है। यह लेख भाषा शिक्षण के द्वारा बच्चों को अच्छा पाठक बनाने की ज़रूरत और इसके लिए अपनाए जाने वाले तरीक़ों व बनाए जाने वाले माहौल के बारे में है। इन्हें जानने-समझने के लिए लेखक ने कुछ ऐसे शिक्षकों के अनुभव सुने जिन्होंने अपने विद्यार्थियों में किताबें पढ़ने की ललक पैदा करने के लिए तरह-तरह के प्रभावशाली तरीक़े अपनाए। इस लेख में इन्हीं अनुभवों को शामिल करते हुए कुछ अनिवार्य सवालों को सम्बोधित किया गया है। मसलन, बच्चों में किताबें पढ़ने की रुचि न बन पाने की बाधाएँ क्या हैं; पाठक बनने की प्रक्रिया में बच्चों को समझना क्यों ज़रूरी है; अच्छी किताबों और पुस्तकालय का किस तरह से उपयोग किया जाए; शिक्षकों का ख़ुद एक उत्साही पाठक होना क्यों आवश्यक है आदि।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | University Publications > Pathshala Bheetar Aur Baahar |
| Creators(English): | Kamlesh Chandra Joshi |
| Publisher: | अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी |
| Journal or Publication Title(English): | Pathshala Bheetar Aur Baahar |
| URI: | http://anuvadasampada.informaticsglobal.ai/id/eprint/4782 |
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Disclaimer
Translated from English to Hindi/Kannada by Translations Initiative, Azim Premji University. This academic resource is intended for non-commercial/academic/educational purposes only.
अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
