शिक्षकों के विकास में सहयोग से ही उनका सम्मान है
बेहार, अनुराग (2025) शिक्षकों के विकास में सहयोग से ही उनका सम्मान है पाठशाला भीतर और बाहर, 25. pp. 9-11.
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Fulltext Document (Pathshala Bheetar Aur Baahar September 2025)
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Introduction
शिक्षक एक-दूसरे को पढ़ाते हुए देखकर ज़्यादा सीखते हैं। इस तरह के सुनियोजित अवलोकन के मौक़े, जहाँ सभी साथी एक-दूसरे की कक्षाओं में जाकर विशेष कक्षा प्रक्रियाओं को देख पाएँ, उनकी शिक्षण प्रक्रियाओं में बदलाव के लिए काफ़ी महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं। कक्षा के बाद कक्षा प्रक्रियाओं पर चर्चा से पढ़ाने वाले और अवलोकन करने वाले, दोनों को ही अपनी कक्षा प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। शिक्षकों को बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनाया जाना चाहिए जिसमें उनके विद्यालय, अन्य विद्यालय और डिजिटल मंच शामिल हों। ऐसे मंच, जहाँ शिक्षक अपने विचार साझा करते हैं, शैक्षिक अनुसन्धानों की चर्चा करते हैं और उन पर राय माँगते हैं, सतत सीखने की संस्कृति का निर्माण करते हैं। यह लेख इन्हीं विचारों को दृढता से हमारे सामने रखता है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | University Publications > Pathshala Bheetar Aur Baahar |
| Creators(English): | Anurag Behar |
| Publisher: | Azim Premji University |
| Journal or Publication Title(English): | Paathshala Bheetar aur Bahar |
| URI: | http://anuvadasampada.informaticsglobal.ai/id/eprint/5297 |
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Disclaimer
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अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
