किशोरावस्था : शिक्षकों व शिक्षार्थियों के नज़रिए की पड़ताल
सिंह, काजल (2024) किशोरावस्था : शिक्षकों व शिक्षार्थियों के नज़रिए की पड़ताल पाठशाला भीतर और बाहर (21). pp. 43-50.
|
Fulltext Document
किशोरावस्था ,शिक्षकों व शिक्षार्थियों के नज़रिए की पड़ताल.pdf Available under License Creative Commons Attribution Non-commercial Share Alike. Download (594kB) |
Introduction
विज्ञान की पढ़ाई के दौरान किशोरावस्था में होने वाले जैविक, मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक बदलाव से जुड़े महत्त्वपूर्ण विषयों का अध्यापन हमेशा से बहुत समस्याप्रद रहा है। इस लेख में इन समस्याओं के कारणों को जानने और समाधान के रास्ते तलाशने के प्रयासों का विवरण शामिल है। इन प्रयासों में विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों में किशोरावस्था से जुड़े विषयों की पठन सामग्री के विश्लेषण और संवाद के द्वारा विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों व किशोरवय विद्यार्थियों के दृष्टिकोणों को जाना समझा गया है। यह लेख पाठ्यपुस्तकों में किशोरावस्था से सम्बन्धित सामग्री की गुणवत्ता को सुधारने और शिक्षकों की तैयारी को बेहतर बनाने की बात भी करता है।
| Item Type: | Article |
|---|---|
| Discipline: | Education |
| Programme: | University Publications > Pathshala Bheetar Aur Baahar |
| Creators(English): | Kajal Singh |
| Publisher: | Azim Premji University |
| Journal or Publication Title(English): | Paathshala Bheetar aur Bahar |
| URI: | http://anuvadasampada.informaticsglobal.ai/id/eprint/4805 |
![]() |
Edit Item |
Disclaimer
Translated from English to Hindi/Kannada by Translations Initiative, Azim Premji University. This academic resource is intended for non-commercial/academic/educational purposes only.
अनुवाद पहल, अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय द्वारा अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनूदित। इस अकादमिक संसाधन का उपयोग केवल ग़ैर-व्यावसायिक, अकादमिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ಅಜೀಂ ಪ್ರೇಮ್ಜಿ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಅನುವಾದ ಉಪಕ್ರಮದ ವತಿಯಿಂದ ಇದನ್ನು ಇಂಗ್ಲೀಷ್ನಿಂದ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಅನುವಾದಿಸಲಾಗಿದೆ. ಈ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಸಂಪನ್ಮೂಲವನ್ನು ವಾಣಿಜ್ಯೇತರ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಉದ್ದೇಶಗಳಿಗೆ ಬಳಸಬಹುದಾಗಿದೆ.
